
मनकामेश्वर मंदिर में स्थािपत प्रतिमा बढ़ी चैतन्य और चमत्कारी है। कहा जाता है कि मुगल बादशाह औरंगजेब ने मालवा मध्यप्रदेश पर हमला किया और भारी लूटपाट मचाई। यहां के सभी मंदिरों को ध्वसत कर दिया। मनकामेश्वर मंदिर को भी उसने तोड़-फोड़ दिया तथा शिवजी की पिंडी पर गंडासे से घातक प्रहार किया , प्रहार करते है पाषाण की पिंडी मे गंडासा गहरा धंस गया और उसमें से खून की धारा बहने लगी । यह घटना देख औरंगजेब भय के कारण कपने लगा और वहा से भाग निकला।
प्रमाण के तौर पर उक्त शिव पिंडी पर आज भी घाव का गहरा निशान दिखाई देता है। लोगों का दावा है कि पूर्व में यह निशान गहरा था परंतु समय के साथ घाव का कटाव भरता दिखाई देता है।
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